शुक्रवार की रात अमेरिका में ऐसी घटना हुई जिसने global economy को हिला कर रख दिया। एक तरफ दुनिया की सबसे ताकतवर अदालत, यानी Supreme Court of the United States ने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की tariff policy को असंवैधानिक (unconstitutional) करार दे दिया, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने कुछ ही घंटों के अंदर पूरी दुनिया पर 10% का नया global tariff लगा दिया।
यह मामला सिर्फ tax या court तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर global trade, India-US trade relations और भारतीय stock market पर भी पड़ सकता है।
Supreme Court vs Trump: क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ट्रंप ने पुराने कानून IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत कई देशों पर tariffs लगाए थे। यह कानून राष्ट्रपति को आपातकालीन परिस्थितियों (national emergency) में आर्थिक कदम उठाने की अनुमति देता है।
लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि अमेरिका किसी वैश्विक युद्ध जैसी स्थिति में नहीं है, इसलिए राष्ट्रपति को unilateral तरीके से tariff लगाने का अधिकार नहीं है। Court ने स्पष्ट किया कि tax और tariff लगाने का अधिकार Congress (Parliament) के पास है।
हालांकि, steel और aluminum पर लगे tariffs इस फैसले से प्रभावित नहीं हुए क्योंकि वे अलग कानून के तहत लगाए गए थे।
कौन-कौन से Tariff हुए अमान्य?
Court के फैसले के बाद दो बड़ी कैटेगरी के tariff अमान्य हो गए:
- Reciprocal tariffs (जैसे China पर 34% और बाकी देशों पर 10%)
- Canada और Mexico पर fentanyl trafficking रोकने के नाम पर लगाए गए 25% tariffs
इस फैसले का बड़ा असर यह हो सकता है कि अमेरिकी सरकार को लगभग 200 अरब डॉलर (करीब 16 लाख करोड़ रुपये) कंपनियों को refund करने पड़ सकते हैं।
Trump का पलटवार: नया 10% Global Tariff
Court के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1974 के Trade Act Section 122 का इस्तेमाल किया। यह कानून राष्ट्रपति को 150 दिनों तक 15% तक tariff लगाने की अनुमति देता है यदि Balance of Payments बिगड़ रहा हो।
ट्रंप ने तुरंत आदेश दिया कि पूरी दुनिया पर 10% का global tariff लगाया जाएगा। White House के अनुसार यह आदेश 24 फरवरी से लागू होगा।
इतिहास में आखिरी बार इस प्रावधान का उपयोग 1971 में Richard Nixon ने किया था।
India पर क्या होगा असर?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने भारत और Narendra Modi का खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि India के साथ हुई trade deal में कोई बदलाव नहीं होगा।
शुरुआती भ्रम यह था कि India पर 10% tariff लगेगा या 18%, लेकिन White House अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल India पर 10% tariff ही लागू होगा।
इसका मतलब क्या है?
अगर tariff 18% होता, तो भारतीय exporters और IT companies के लिए यह बड़ा झटका होता। लेकिन 10% पर स्थिति थोड़ी बेहतर है।
Indian Stock Market पर संभावित असर
सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो निवेशकों को इन 4 बातों पर नजर रखनी चाहिए:
अनिश्चितता (Uncertainty)
Trump vs Supreme Court की यह कानूनी लड़ाई 2-5 साल तक चल सकती है। बाजार uncertainty पसंद नहीं करता, इसलिए volatility बढ़ सकती है।
IT Sector के लिए राहत
अगर tariff 18% की जगह 10% रहता है, तो बड़ी IT कंपनियों जैसे
- Tata Consultancy Services
- Infosys
- Wipro
को फायदा हो सकता है क्योंकि उनकी services US में relatively competitive रहेंगी।
Refund विवाद
ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि वह 200 अरब डॉलर का refund देने के पक्ष में नहीं हैं। अगर Court सख्ती दिखाता है, तो US stock market में भारी गिरावट संभव है, जिसका असर Dalal Street पर भी पड़ सकता है।
Dollar की मजबूती
कड़े trade stance से US Dollar मजबूत हो सकता है। इससे Indian Rupee कमजोर पड़ सकता है, जिसका असर import cost और inflation पर दिख सकता है।
Global Economy के लिए क्या संकेत?
Trump का स्पष्ट संदेश है — "America First" policy जारी रहेगी, चाहे Court से टकराव क्यों न हो।
भारत फिलहाल Trump की "bad books" में नहीं है, जो एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन global trade tension और geopolitical uncertainty का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
निष्कर्ष
Trump के 10% global tariff फैसले ने global trade dynamics को फिर से बदल दिया है। Supreme Court के फैसले और Trump के पलटवार के बीच की यह टकराहट आने वाले महीनों में market volatility बढ़ा सकती है।
India के लिए फिलहाल स्थिति संतुलित है — न पूरी राहत, न बड़ा झटका। लेकिन निवेशकों को global developments पर नजर बनाए रखनी होगी।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि Court और White House की यह लड़ाई किस दिशा में जाती है, और इसका सीधा असर आपकी investment और pocket पर कितना पड़ता है।

