IT सेक्टर में AI का बढ़ता प्रभाव, Jefferies का बड़ा फैसला
जब शेयर बाज़ार का ट्रेंड बदलता है, तो निवेशकों के लिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी हो जाता है। फिलहाल भारतीय IT सेक्टर में कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने कई बड़ी IT कंपनियों की रेटिंग और टारगेट प्राइस कम कर दिए हैं, जिससे मार्केट में हलचल तेज हो गई है। इस कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण Artificial Intelligence (AI) को माना जा रहा है।
कई दिग्गज IT कंपनियों को किया गया डाउनग्रेड
सोमवार, 23 फरवरी को मार्केट खुलते ही Jefferies ने Infosys, HCL Tech, Mphasis, LTI Mindtree, TCS और Hexaware Technologies जैसी प्रमुख कंपनियों की रेटिंग घटा दी। कुछ मामलों में टारगेट प्राइस में 30% से अधिक की कटौती देखने को मिली।
ब्रोकरेज का मानना है कि AI की तेजी से बढ़ती भूमिका IT सेक्टर के पारंपरिक Business Model को बदल रही है। Managed Services का हिस्सा कम हो सकता है, जबकि Consulting और Implementation Services की मांग बढ़ सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों के Revenue Model और Talent Structure पर पड़ेगा।
कंपनी-वार नई रेटिंग और टारगेट प्राइस
Infosys की रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Hold’ कर दी गई। टारगेट प्राइस ₹1,885 से घटाकर ₹1,390 कर दिया गया।
HCL Tech का टारगेट लगभग ₹1,880 से घटाकर करीब ₹1,390 कर दिया गया, जबकि रेटिंग ‘Hold’ रखी गई।
Mphasis को ‘Hold’ रेटिंग देते हुए टारगेट ₹3,410 से घटाकर ₹2,450 कर दिया गया।
LTI Mindtree की रेटिंग ‘Underperform’ कर दी गई और टारगेट ₹6,175 से घटाकर ₹4,300 तय किया गया।
TCS को भी ‘Underperform’ में डाउनग्रेड करते हुए टारगेट ₹3,480 से घटाकर लगभग ₹2,350 कर दिया गया।
Hexaware Technologies का टारगेट ₹660 से घटाकर ₹460 कर दिया गया।
AI से बदल रहा है बिज़नेस स्ट्रक्चर
Jefferies के अनुसार, AI Adoption के कारण कंपनियों के Margins पर दबाव बढ़ सकता है। Revenue Cycle लंबी हो सकती है और Operating Model में बड़े बदलाव की जरूरत पड़ेगी। इससे Short Term में Volatility और Risk दोनों बढ़ सकते हैं।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक IT सेक्टर के कई शेयर लगभग 16% तक गिर चुके हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि फिलहाल Downside Risk, Upside Potential से अधिक है।
Growth Outlook और Valuation पर नजर
आने वाले 10 वर्षों के लिए Revenue CAGR का अनुमान Large IT Firms के लिए 6–14% और Mid-size कंपनियों के लिए 9–17% लगाया गया है। हालांकि, यह ग्रोथ पिछली अवधि की तुलना में धीमी मानी जा रही है। Valuation में और Correction की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Jefferies का संदेश स्पष्ट है—स्टॉक चुनते समय AI के प्रभाव और बदलते बिज़नेस मॉडल को समझना जरूरी है। हालांकि, Coforge और IKS Health को ब्रोकरेज ने अपनी Top Picks में शामिल किया है, जिन पर निवेशक नजर रख सकते हैं।
कुल मिलाकर, मौजूदा दौर में IT सेक्टर में निवेश करते समय Long Term Strategy और Risk Management दोनों पर खास ध्यान देना जरूरी है। समझदारी और धैर्य ही इस समय का सबसे बड़ा निवेश मंत्र है।

